निमाड़ी भाषा का गौरवपूर्ण इतिहास और वर्तमान संघर्ष
भक्तिकाल और संत परंपरा सन् 1319 से 1644 तक भारत में एक अत्यंत समृद्ध भक्ति काल रहा, जो लगभग 325 वर्षों तक चला। इस कालखंड में अनेक संत कवि उत्पन्न हुए, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और धर्म को नई दिशा दी। तुलसीदास, सूरदास, कबीर, नरसी मेहता, मीरा बाई जैसे संतों ने जन-जन को भक्ति के माध्यम […]
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